सूरत. टिकट बंटवारे के समय बाहरी प्रदेशों से आकर सूरत में रह रहे मतदाताओं के दबाव से जूझकर निकली राजनीतिक पार्टियों ने अब उनकी भाषाओं को ही प्रचार का बड़ा जरिया बना दिया है। साथ मे सूरत कपड़ा बाजार मे व्यापारी से भाजपा के पक्ष मे वोट करने के लिए राजस्थान से श्री गुलाबचन्द कटारिया , पोकरण विधायक शेतान सिंग, , सिवाना विधायक हमीर सिंग भयाल ओर कांग्रेस की तरफ से श्री अशोक गहलोत , विधायक श्री मेवाराम जी , पूर्व विधायक राजेंद्र पारिक , श्री पवन बंसल , राजबब्बर , पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंग जी ने दोरे किए
सूरत की सभा में गृह मंत्री बोले भोजपुरी- सूरत आए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बमरोली में हुई सभा का अंत भोजपुरी में किया। योगी आदित्यनाथ की सचिन में हुई सभा में भी योगी ने पहले गुजराती में दो शब्द बोले और फिर हिंदीभाषी वोटरों को शुद्ध हिंदी में संबोधित किया। ओलपाड विधानसभा के कोसाड आवास की सभा में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी बीच-बीच में उड़िया में संबोधित किया। इनकी सभा में बैनर भी उड़िया भाषा में लगे। केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने पाटीदार क्षेत्रों में 3 सभाएं की, जिनमें उन्होंने काठियावाड़ी लहजे में कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
सूरत की 12 विधानसभा सीटों में 12 से ज्यादा भाषा- सूरत की सभी 12 सीटें भाषा के नजरिए से विविधता से भरी हैं। सूरत की कामरेज, करंज, वराछा और कतारगाम में सौराष्ट्र-वासी वोटरों की संख्या ज्यादा है, वहीं लिम्बायत में मराठी और मुस्लिम वोटर निर्णायक हैं। ओडिसी समाज के परिवार भी बड़ी संख्या में यहां रहते हैं। चौर्यासी और उधना में हिंदी भाषी समुदाय में विभिन्न बोलियां बोलने वाले वोटर हैं। इसके अलावा तेलुगु, तमिल समुदाय के लोग भी यहां रहते हैं। सूरत पूर्व और उत्तर में सूरती बोली वाले वोटर ज्यादा हैं। मजूरा में राजस्थानी बोलने वाले वोटर निर्णायक हैं।


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