Thursday, 14 December 2017

नरेंद्र मोदी व अमित शाह के चुनावी गढ़ में दिलचस्प मुकाबला, पाटीदारों पर दारोमदार

गुजरात विधानसभा के चुनाव में राज्य के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद क्षेत्र पर पूरे देश की नजर है़  इसका कारण यह है कि इस शहर में विधानसभा की दो हाइप्रोफाइल सीटें हैं, जो इस चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सीट थी. अहमदाबाद में कुल 16 विधानसभा सीटों हैं,  इनमें मणिनगर सीट का पिछली विधानसभा चुनाव तक नरेंद्र मोदी प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. दूसरी सीट नारणपुरा, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पिछली बार कर चुके हैं. अहमदाबाद की 16 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की कुल संख्या करीब 39 लाख है. 1990 के दशक से इस क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता है. पिछले चुनाव में भाजपा ने यहां 16 में 14 सीटें जीत ली थी. पर, इस बार चुनाव में दोनों हाइप्रोफाइल सीटों सहित शहर की अन्य सीटों पर कड़ी चुनावी टक्कर मानी जा रही है. इसका कारण है शहर की कई सीटों पर पाटीदारों की बहुलता. पाटीदारों का वोट अबतक भाजपा को मिलता रहेगा, लेकिन इस बार हार्दिक पटेल फैक्टर क्या असर दिखायेगा यह सिर्फ चुनाव परिणाम ही बता सकता है. कांग्रेस हार्दिक पटेल का साथ पाकर उत्साहित है और उसे लग रहा है कि वह दो दशक बाद भाजपा को मजबूत टक्कर देने की स्थिति में आ गयी है. ऐसे में यह सवाल मौजूं है कि इन दोनों सीटों से विजयश्री का ताज किसे मिलेगा?
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में मोदी मैजिक में अहमदाबाद में भाजपा ने कुल 14 विधानसभा क्षेत्रों में जीत दर्ज की थी. जिन सीटों पर भाजपा ने जीत का परचम लहराया था, उनमें घटलोडिया, जमालपुर-खाड़िया, वेजलपुर, वाटवा, एलिसब्रिज, नारणपुरा, निकोल और नरोदा जैसी सीट शामिल हैं. लेकिन, इस बार के चुनाव में इस क्षेत्र में भाजपा को कांग्रेस और उसकी सहयोगियों से कड़ी टक्कर मिल रही है. कांग्रेस को इस क्षेत्र में 2012 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो सीटों साबरमती और असरवा (एससी) पर जीत मिल सकी थी. गुजरात के अन्य शहरों की तरह ही इस शहरी इलाके के लोग भाजपा का समर्थन 90 दशक की शुरुआत से ही कर रहे हैं. कम से कम यहां की पांच सीटों घटलोदिया, निकोल, मणिनगर, साबरमती और ठक्करबापा नगर में पाटीदार समुदाय बड़ी संख्या में हैं. यहां की चार सीटों जमालपुर-खाड़िया, दरियापुर, दनीलीमादा और वेजलपुर सीटें मुस्लिम बहुल हैं.

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