Saturday, 9 December 2017

गुजरात चुनाव: पहले चरण में 68 फीसदी हुई वोटिंग, शांतिपूर्ण रहा मतदान

सूरत - गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान 19 जिलों की 89 सीटों पर बंपर मतदान हुआ। मतदान केंद्रों पर सुबह 5 बजे से मतदान की शुरुआत हुई और शाम 5 बजे तक मतदाताओं ने वोट डाले।गुजरात के उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने चुनाव खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पहले चरण में अभी तक 68 फीसदी मतदान हुआ है। पिछले चुनाव में यह आंकड़ा 70.75 फीसदी था।सिन्हा के मुताबिक देर शाम तक इस आंकड़े में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि अभी भी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी हुई है।सिन्हा ने कहा कि पहले चरण की सभी 89 सीटों पर वीवीपैट तकनीक का इस्तेमाल किया गया। वीवीपैट तकनीक की वजह से मतदाताओं को उनके वोटिंग के बाद पर्ची मिलती है, जिससे उनके किसी पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान डाले जाने के बारे में पुष्टि होती है।89 सीटों पर मतदाताओं ने 977 उम्मीदवारों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान कई जगह पर ईवीएम में गड़बड़ी की भी शिकायत आई, जिसके बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत-- कांग्रेस ने शनिवार को निर्वाचन आयोग से गुजरात में पहले चरण के मतदान के दौरान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में हुई गड़बड़ी के मामले में कदम उठाने का आग्रह किया। जिसके बाद चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिये हैं।चुनाव आयोग को सौराष्ट्र और सूरत के कई मतदान केंद्रों के अलावा वलसाड जिले के कोसाम्बा क्षेत्र में ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी होने की कई शिकायतें मिली हैं।निर्वाचन आयोग को मिली शिकायत में राजकोट पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में भी ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ होने की बात कही गई है।सुरेन्द्रनगर जिले के लिम्दी गांव के ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न शिकायतों को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया।

19 जिलों में डाले गये वोट- गुजरात के कच्छ, सौराष्ट्र और दक्षिणी इलाके के 19 जिलों कच्छ, मोरबी, जामनगर, सुरेंद्रनगर, देवभूमि द्वारका, राजकोट, बोटाद, पोरबंदर, जूनागढ़, अमरेली, गिर, सोमनाथ, भावनगर, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, नवसारी, डांग और वलसाड में वोट डाले गये।  राज्य में दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर को होगा और 18 दिसंबर को मतगणना होगी।

कांग्रेस-बीजेपी दोनों को जीत की उम्मीद- वोट डालने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि कांग्रेस ने साल 2002, 2007 सहित पिछले हर विधानसभा चुनाव में दावा किया कि उसकी सरकार प्रदेश में बनने जा रही है। लेकिन नतीजा क्या निकला, वह सबके सामने है। सच तो यह है कि कांग्रेस के दावे खोखले साबित हुए और उसकी सरकार बनी ही नहीं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भरूच के अंकलेश्वर में वोट डालने के बाद कहा कि 'कांग्रेस जीतेगी 110 से ज्यादा सीटें।'

पिछले चुनाव का हाल- 89 सीटों में से बीजेपी के पास पिछले विधानसभा में 67 सीटें और कांग्रेस के पास 16 सीटें थीं। राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) और जनता दल (युनाइटेड) के पास क्रमश: एक-एक सीट आई थी, जबकि आजाद उम्मीदवार दो सीटों पर विजयी हुए थे।

प्रमुख चेहरों पर नजर- सबसे जबरदस्त मुकाबला पश्चिम राजकोट में है, जहां से मौजूदा मुख्यमंत्री विजय रूपानी जीत कर आए थे। उनको इसबार कांग्रेस उम्मीदवार इंद्रनील राजगुरु चुनौती दे रहे हैं। वह राजकोट पूरब से मौजूदा विधायक हैं। एक और मौजूदा काग्रेस विधायक परेश धनानी को अमरेली में पूर्व कांग्रेस नेता और वर्तमान में लाठी से बीजेपी विधायक चुनौती दे रहे हैं। सौराष्ट्र में भी बड़े चेहरे हैं। जहां कैबिनेट मंत्री बाबूभाई बोखिरिया और कांग्रेस के अर्जुन मोधवाडिया और पूर्व वित्तमंत्री और ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल चुनाव मैदान में हैं।

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