नोटबंदी के बाद गुजरात में यह सबसे बड़ी बरामदगीसूरत.गुजरात विधानसभा चुनाव में पहले फेज की वोटिंग के दौरान (शनिवार को) स्टेट रेवेन्यू इंटेलिजेंस टीम ने भरूच से करीब 49 करोड़ रुपए के पुराने नोट जब्त किए। पिछले साल हुई नोटबंदी के बाद प्रदेश में यह सबसे बड़ी बरामदगी है। डीआरआई टीम ने मौके से तीन लोगों को पकड़ा, लेकिन स्पेसिफाइड बेन नोट्स एक्ट में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं होने से कोर्ट में पेशी के बाद आरोपियों को छोड़ दिया गया। अफसरों की मानें तो इस रकम पर 250 करोड़ रु. तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सूरत और वडोदरा की डीआरआई टीम पकड़े रुपए- - राजस्व सतर्कता निदेशालय (डीआरआई) ने बताया कि भरूच के पनोली में तीन लोगों के कब्जे से 48.90 रुपए के पुराने नोट बरामद हुए। सूरत और वडोदरा की टीम ने सुरेन्द्र झालावडिया, कांति झालावडिया और लाभु नागजी झालावडिया को मौके से पकड़ा। इन्होंने यह रकम कनु वेरडिया, निलेश सलाडिया, हेमल घी वाला और भरत शाह की बताई है। आरोपियों के मुताबिक, इस रकम में कांति झालावडिया के 60 लाख, कनु विरडिया के 17 करोड़, निलेश सलाडिया के 11.25 करोड़, हमेल घी वाला के 17 करोड़ और भरत शाह के 3.06 करोड़ रुपए शामिल थे।
4 करोड़ की नई करंसी देकर 49 करोड़ लिए थे- डीअारआई सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने 4 करोड़ रुपए की नई करंसी देकर दोस्तों से ये नोट हासिल किए थे। वे बिचौलिये के जरिए इस रकम को आरबीआई से बदलवाने की फिराक में थे, जब इसमें कामयाब नहीं हुए तो 6 महीने से रकम पनोली में रखी हुई थी। तीनों आरोपियों ने विदेश से सोना इम्पोर्ट किया है। वे सोना बेचकर रुपए इकट्ठा करने वाले थे।

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