मनपा का डिस्पोजल प्लांट, वहीं ये परिवार, किसी को नहीं दिखते- शहर को कच्ची बस्ती मुक्त बनाने के लिए मनपा ने 2007 से सर्वे शुरू किया था। नदी किनारे, कैनाल और खाड़ी किनारे की झोपड़पट्टी का सर्वे किया। लेकिन, डिस्पोजल प्लांट पर आने-जाने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को कचरे के ऊपर बसी ये बस्ती नहीं दिखी। 2004 के खाड़ी की बाढ़ के बाद कलेक्टर आॅफिस से भी सर्वे हुआ, लेकिन उसमें भी इन 90 परिवारों की तरफ नहीं देखा गया। महाराष्ट्र के नवापुर का राशन कार्ड भी इन लोगों का खारिज हो चुका है और सूरत में भी पहचान नहीं मिल पाई
Friday, 17 November 2017
25 साल से कचरे के ऊपर रह रहे 90 परिवार
मनपा का डिस्पोजल प्लांट, वहीं ये परिवार, किसी को नहीं दिखते- शहर को कच्ची बस्ती मुक्त बनाने के लिए मनपा ने 2007 से सर्वे शुरू किया था। नदी किनारे, कैनाल और खाड़ी किनारे की झोपड़पट्टी का सर्वे किया। लेकिन, डिस्पोजल प्लांट पर आने-जाने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को कचरे के ऊपर बसी ये बस्ती नहीं दिखी। 2004 के खाड़ी की बाढ़ के बाद कलेक्टर आॅफिस से भी सर्वे हुआ, लेकिन उसमें भी इन 90 परिवारों की तरफ नहीं देखा गया। महाराष्ट्र के नवापुर का राशन कार्ड भी इन लोगों का खारिज हो चुका है और सूरत में भी पहचान नहीं मिल पाई
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