Monday, 18 September 2017

गुजरात में बीजेपी की नजर ओबीसी वोटरों पर

गुजरात विधानसभा के चुनौतीपूर्ण चुनाव में अपने परंपरागत पाटीदार वोटरों की नाराजगी को देखते हुए अब बीजेपी ने ओबीसी वोटरों को भी लुभाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा राज्य की विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए दो यात्राओं की भी प्लानिंग कर रही है ताकि चुनाव से पहले लोगों को राज्य और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिना सके।

बीजेपी के एक सीनियर लीडर के मुताबिक पार्टी 18 सितंबर को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी वर्ग का सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। यह सम्मेलन गुजरात के खेड़ा जिले में किया जाएगा। इस सम्मेलन के जरिए पार्टी की कोशिश है कि ओबीसी वर्ग को यह संदेश दिया जाए कि पहली बार किसी केंद्र सरकार ने ओबीसी के लिए बने आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए इतना बड़ा कदम उठाया है।

बीजेपी सूत्रों का कहना है कि इसके जरिए एक तीर से दो निशाने लगेंगे। एक तो यह बताया जाएगा कि मोदी सरकार ने पहली बार ओबीसी के लिए बने आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए मेहनत की और दूसरी ओर कांग्रेस ने ही उसमें अड़ंगा लगा दिया। इस तरह से पार्टी यह मेसेज देना चाहेगी कि एक तरफ बीजेपी ओबीसी के लिए इतनी मेहनत कर रही है और दूसरी ओर कांग्रेस ऐसी बाधाएं खड़ी कर रही है, जिससे ओबीसी वर्ग को मिलने वाली सुविधाओं को रोका जा सके।


पार्टी दो यात्राएं भी निकालने की तैयारी कर रही है। इसमें एक यात्रा पहली अक्टूबर को सरदार पटेल की जन्मस्थली करसमद से शुरू होगी जबकि दूसरी यात्रा महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर से शुरू होगी। इनमें से एक यात्रा का नेतृत्व कडवा पटेल समुदाय के नेता और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल करेंगे जबकि दूसरी की अगुवाई प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जीतू वाधानी करेंगे। जीतू पटेल समुदाय से आते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हार्दिक पटेल के नेतृत्व में चलने वाले पाटीदार आंदोलन से पार्टी को कुछ नुकसान हुआ है लेकिन उसकी भरपाई हो जाएगी। गुजरात में 20 फीसदी वोटर पाटीदार समुदाय के हैं

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