Sunday, 10 September 2017

सफल दांपत्य जीवन के लिए आवश्यक है प्रेम , विश्वास व सहनशीलता – साध्वी सोमलता जी

दंपति शिविर , तप अभिनंदन एव बारह व्रत कार्यशाला का उधना मे आयोजन 
उधना- अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी सोमलता जी के सानिध्य मेश्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा उधना के तत्वाधान मे तपस्वी अभिनंदन व तेयूप उधना के तत्वाधान मे दंपति शिविर व बारह व्रत कार्यशाला का त्रिविध आयोजन किया गया !

इस अवसर पर अपना प्रेरक उढ्बोधन देते हुए  साध्वी सोमलता जी ने फरमाया की जीवन मे संयम का अत्यधिक महत्व है ! प्रत्येक व्यक्ति साधुता ग्रहण नही कर सकता लेकिन गृहस्थाश्रम मे रहकर भी व्यक्ति धर्म कर सके इस हेतु भगवान महावीर ने बारह प्रकार के व्रतो को धारण करने का मार्ग बताया ! बारह प्रकार के व्रत धरण करने वाला व्यक्ति अनेक प्रकार के पाप कर्मो से बच जाता है ! ओर जीवन को उन्नत बना सकता है !
दंपति शिविर के संभागी युगलों को संबोधित करते हुए साध्वी श्रीजी  ने कहा दांपत्य जीवन की सफलता के लिए मे व तुम को छोड़कर हम शब्द को अपनाना जरूरी है ! शादी कोई खेल नही है यह तो स्वेछा से स्वीकृत किया गया सहयात्रा का दस्तावेज़ है ! यह बंधन है लेकिन ऐसा बंधन जो उन्मुक्त जीवन की आधारभूमि बनाता है ! दांपत्य जीवन मे उत्तर चढ़ाव तो आते है लेकिन मोसम की तरह परिस्थितिया बदलती रहती है ! विषम स्थितियो मे भी पति पत्नी कदम से कदम मिलाकर संयोगो का सामना करते है  तो जीवन महक उठता है ! कभी पति को गुस्सा आजाए तो पत्नी शांत रहे व कभी पत्नी को गुस्सा आ जाए तो पति शांत रहे ! तो जीवन का आनंद बरकरार रहेगा ! जेसे एक पोधे के विकास के लिए खाद पानी ओर धूप जरूरी है ! वेसे ही जीवन रूपी पोधे के विकास के लिए भी प्रेम रूपी खाद विश्वाश रूपी पानी ओर सहनशीलता रूपी धूप की जरूरत रहती है !
चातुर्मास के दोरान आठ से लेकर मासखमण व इगतालीस की तपस्या करने वाले तपस्वीयो को आज संमानित किया गया ! साध्वी श्री ने तप को जीवन का शृंगार बताते हुए सभी तपस्वी की अनुमोदना मे आशीर्वचन फरमाए !
साध्वी श्री संचितयशा जी ने बारह व्रत के की महत्ता को समझाते हुए विस्तृत विश्लेषण किया ! साध्वी श्री शकुंतला श्रीजी साध्वी श्री जागृतप्रभा जी व साध्वी श्री रक्षितयशा जी ने मंगलभावना प्रकट की ! स्वागत वक्तव्य सभा के अध्यक्ष श्री बसन्तीलाल जी नाहर व तेयूप अध्यक्ष श्री नेमिचन्द कुकड़ा ने दिया ! तेरापंथ महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमति सुनीता कुकड़ा ने अपने विचार व्यक्त किए ! उधना सभा के उपाध्यक्ष श्री अर्जुन जी मेडतवाल ने स्वरचित मुक्तक के माध्यम से भावनाए व्यक्त की ! इस अवसर पर साध्वी श्रीजी की सुश्रशा चिकित्सा करने वाले डॉक्टर का सामाजिक सेवा करने वाले सेवार्थी व मीडिया के क्षेत्र मे उलेखनीय कार्य करने वाले मीडिया प्रभारी श्री अर्जुन जी मेड़तवाल को संमानित किया गया ! सभा के द्वारा आयोजित तप अभिनंदन कार्यक्रम का संचालन सह कोषाध्यक्ष श्री नवीन पोखरना व पुखराज हिरण ने किया ! युवक परिषद द्वारा संचालित बारह व्रत कार्यशाला का संचालन तेयूप के पूर्व सहमंत्री श्री जितेंद्र जी मेड़तवाल व दंपति प्रशिक्षण शिविर का संचालन श्री अनिल जी चोरडिया व श्रीमति सुनीता जी चोरडिया ने किया आभार ज्ञापन सभा के सहमन्त्री श्री अशोक जी दुग्गड़ ने किया

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