Thursday, 14 September 2017

भारत को अपने सपने पूरे करने के लिए आज का दिन बहुत बड़ा: मोदी

अहमदाबाद. जापान के पीएम शिंजो आबे और नरेंद्र मोदी ने यहां के साबरमती स्टेडियम ग्राउंड में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव रखी। इस मौके पर मोदी ने कहा- ये न्यू इंडिया है, इसकी इच्छा शक्ति असीमित है। आज भारत ने अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए बहुत बड़ा दिन है। मैं इस भूमिपूजन के मौके पर कोटि-कोटि शुभकामनाएं देता हूं।'' इससे पहले शिंजो आबे ने अपनी स्पीच की शुरुआत नमस्कार कर की। आबे ने कहा- "मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी एक वैश्विक नेता हैं। दो साल पहले उन्होंने बुलेट ट्रेन और न्यू इंडिया का फैसला लिया। मैंने और जापानी कंपनियों ने उनके सपने को पूरा करने के लिए प्रतिज्ञा ली है।" भारत से हमारा गहरा रिश्ता है। इसकी मिसाल है कि JAPAN का JA और INDIA का I बनकर JAI बनता है। उनसे पहले, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने स्पीच दी। बता दें कि 1.20 लाख करोड़ का ये प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा हो जाएगा। इस ट्रेन के चलने से मुंबई-अहमदाबाद के बीच 500 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे में तय की जा सकेगी। 
मोदी ने  कहा:-- ''मेरे करीबी मित्र शिंजो आबे का गुजराज की धरती पर बहुत स्वागत करता हूं। दुनिया के एक नेता ने, जापान के पीएम ने, मेरे खास दोस्त का आपने को स्वागत किया। जो वातावरण बनाया उसके लिए मैं आप सबका आभारी हूं। दोस्तों कोई भी देश अधूरे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता है। सपनों की उड़ान ही देश को आगे लेकर जाती है। ये न्यू इंडिया है, इसकी इच्छा शक्ति असीमित है। आज भारत ने अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है। मैं इस भूमिपूजन के मौके पर कोटि-कोटि शुभकामनाएं देता हूं।''
ये प्रोजेक्ट सुरक्षा, रोजगार और रफ्तार लाएगा
मोदी ने कहा- बुलेट ट्रेन एक ऐसा प्रोजेक्ट है जो सुरक्षा, रोजगार और रफ्तार लाएगा। आज का दिन दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक और भावात्मक मौका है। एक अच्छा दोस्त सीमा और समय से परे होता है और जापान ने आज ये दिखा दिया है। आज इतने कम समय में इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन हो रहा है तो इसका पूरा श्रेय आबे को जाता है। उन्होंने पूरी रुचि लेकर कहा कि इसें कहीं कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।"
हाई स्पीड कॉरिडोर के पास शहर बसेंगे---
- मोदी ने कहा- "मानव सभ्यता में गांव नदी के किनारे बसते थे। आज जहां से हाईवे गुजरते हैं वहां लोग बसने लगे। आगे हाई स्पीड कॉरिडोर के पास शहर बसेंगे। ट्रांसपोर्ट सिस्टम देश में कनेक्टिविटी का आधार बनाती है। जो लोग अमेरिका के बारे में जानते हैं उन्हें पता है कि कैसे रेलवे शुरू होने के बाद वहां आर्थिक विकास हुआ। 1964 में जापान में बुलेट ट्रेन चली तो कैसे जापान में विकास हुआ। रूस, चीन में भी बुलेट ट्रेन चलती है।"
- समय के साथ बदलाव जरूरी है। छोटे-छोटे प्रयास किए गए हैं। नई चीजें जोड़ी गई हैं। समय ज्यादा इंतजार नहीं करता है। टेक्नोलॉजी बदली है। हाई स्पीड कनेक्टिविटी पर हमारा जोर है। इससे स्पीड बढ़ेगी, दूरी कम होगी। प्रोडक्टिविटी से आर्थिक विकास बढ़ेगा। हमारा जोर है मोर प्रोडक्टिविटी फॉर हाई कनेक्टिविटी।
बुलेट ट्रेन जापान की भारत को एक सौगात है---
मोदी ने कहा- हम गुजराती जब भी कोई सामान खरीदने जाते हैं तो उसका घाटा और फायदा पहले देखते हैं। एक छोटा लोन लेने के लिए भी दस बैंकों में चक्कर काटते हैं। बहुत बारीकी से देखते हैं कि जब लोन खत्म होगा तो कितना रुपया देना होगा। अहमदाबादी तो ये अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन कल्पना करो कि कोई ऐसा बैंक नहीं मिल सकता है जैसा आबे की तरह दोस्त मिला। जिसने बुलेट ट्रेन के लिए 88 हजार करोड़ रुपया सिर्फ 0.1% ब्याज पर प्रोजेक्ट के लिए लोन दिया है।
- बुलेट ट्रेन जापान की भारत को एक सौगात है। मैं उनका बहुत आभारी हूं कि वो तकनीक और लागत से हमारे साथ जुड़ा है। इससे 500 किलोमीटर दूर बसे लोग पास आ जाएंगे। ये ट्रेन 2 से 3 घंटे में मुंबई पहुंचेगी। अगर हम हवाई सफर से इसकी तुलना करें तो जितना वक्त आपको एयरपोर्ट की फार्ममैलिटीज को पूरा करने में लगते हैं, उससे आधा वक्त लगेगा। हाईवे पर ट्रैफिक का दवाब कम होगा। हाईस्पीड कॉरिडोर से स्पीड बढ़ेगी। सामानों की ढुलाई भी सरल होगी। देश को एक नई रफ्तार मिलेगी।
शिंजो आबे ने कहा: JAPAN का JA और INDIA का I बनकर JAI बनता है
 शिंजो आबे ने कहा- ''जापान मेक इन इंडिया के लिए तैयार है। अगर हमारी टेक्नोलॉजी और भारत की मेन पॉवर साथ काम करें तो भारत दुनिया का कारखाना बन सकता है। जापान की शिंकान्सेन सर्विस में एक भी हादसा नहीं हुआ। हमारे रेल प्रोजेक्ट की एक टीम इस साल भारत आएगी और यहां सेफ्टी को लेकर काम करेगी। मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं कि जापान और भारत के रिश्ते ग्लोबल पार्टनरशिप के रूप में पनपे हैं।''
- ''दोनों देश कई परंपराओं में विश्वास रखते हैं। हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र के सभी देश अपनी संप्रभुता के लिए काम करते हैं। जापान का ज और इंडिया का इ मिला दिया जाए तो हिंदी में जय बन जाता है। जय जापान, जय हिंद।''
- ''मैं जब एयरपोर्ट पर उतरा तो बहुत सुंदर नजारे देखने को मिले। चाहता हूं कि अगली बार जब भारत आऊं तो बुलेट ट्रेन की खिड़की से मोदीजी के साथ ये नजारे देखूं। मुझे गुजरात बहुत पसंद है।''

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