नई दिल्ली- पाक की ओर से आए दिन
कोई नापाक हरकत होती ही रहता है। इन दिनों भारतीय सेना का मनोबल गिराने के
लिए पाक खुफिया एजेंसी घटिया दुष्प्रचार कर रही है। बीएसएफ के रसोई घरों
में हमेशा अच्छा खाना बनता है और उसकी कोई भी किसी भी वक्त जांच कर सकता
है। लेकिन एक जवान द्वारा घटिया खाना मिलने के वीडियो का पाक खुफिया एजेंसी
आईएसआई के जरिए दुष्प्रचार कर रही है।
दरअसल,
इस दुष्प्रचार के जरिए पाक खुफिया एजेंसी जवानों का मनोबल गिराने का
प्रयास कर रही है। बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने ये बातें कहीं। शर्मा
ने कहा, 'मैंने 2012 में अतिरिक्त डीजी के रूप में बीएसएफ ज्वाइन किया।
किसी भी जवान या अफसर ने खराब खाने की मुझसे कोई शिकायत नहीं की। तबादले या
पदस्थापना का मुद्दा हो सकता है, इसलिए मुझे एक जवान (तेज बहादुर यादव) ने
जब घटिया खाने का वीडियो अपलोड किया तो मैं बहुत आहत हो गया।'
शर्मा
ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल में बहुत अच्छा सिस्टम है। फोर्स के किचन में
बनने वाले खाने की सतत चेकिंग होती है। खाने की कोई समस्या नहीं है। खाना
चेक करने की खुली चुनौती 2.65 लाख जवानों वाले मजबूत सुरक्षा संगठन के
प्रमुख शर्मा ने खुली चुनौती देते हुए कहा- 'कोई भी व्यक्ति किसी भी दिन,
किसी भी वक्त बीएसएफ की सीमा चौकी पर जाकर खाना चेक कर सकता है। मैं गारंटी
लेता हूं कि वहां अच्छे भोजन की पुष्टि होगी। खाना घर जैसा बनता है। खाने
की कोई कमी नहीं है। इस साल के आरंभ में जब यह मुद्दा उठा थी तब सांसदों
द्वारा की गई पूछताछ में भी मैंने यही सुझाव दिया था।'
जवान
सेवा से बर्खास्त इसी साल जनवरी में बीएसएफ जवान तेज प्रताप यादव ने हाथ
में सर्विस राइफल लेकर फेसबुक पर विवादित वीडियो जारी किया था। इसमें उसने
सीमाई इलाकों में तैनात जवानों को पानी वाली दाल और जली हुई रोटियां देने
की शिकायत की थी। डीजी शर्मा ने बताया कि जांच में आरोप गलत पाया जाने के
बाद तेज बहादुर यादव को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उसका आईएसआई ने
इस्तेमाल किया। आईएसआई ने उसे 22 जगह से उठाकर और सोशल मीडिया में वायरल
किया

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