पीठ की ओर से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट के उद्धाटन के मौके पर विज्ञापन भी जारी किया गया है। विज्ञापन में मोदी को भगवान का वरदान बताया गया है।
पीठ की ओर से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट के उद्धाटन के मौके पर विज्ञापन भी जारी किया गया है। विज्ञापन में मोदी को भगवान का वरदान बताया गया है। विज्ञापन में आगे लिखा- “राष्ट्र के गौरव जिनमें भारत के सवा सौ करोड़ भारतीय अपने स्वर्णिम भविष्य का सपना देखते हैं, जो दिव्य और भव्य भारत बनाने में अखंड-प्रचंड पुरुषार्थ कर रहे हैं। इस राष्ट्र को ऋषि के रूप में भगवान के एक वरदान मिले हैं।” टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक 200 करोड़ की लागत से बना यह 5 मंजिला इंस्टिट्यूट 10 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें एक बेसमेंट भी बनाया गया है, जिसमें बीमार जानवरों को रखा जाएगा। कहा जा रहा है कि दुनिया भर में आयुर्वेदिक दवाओं को मान्यता पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट भारत में आयुर्वेद के क्षेत्र में विश्वस्तरीय मापदंडों पर क्लीनिकल ट्रायल करने वाला पहला संस्थान होगा। क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल के माध्यम से आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों एवं औषधियों को विश्वभर में एक साइंटिफिक एवं ऑर्थेटिक मेडीसीन के रूप में मान्यता दिलाई जा सकेगी। रिसर्च सेंटर में क्लीनिकल कन्ट्रोल ट्रायल, ड्रग स्क्रीनिंग, फार्माकोग्नॉसी, ड्रग डिस्कवरी, ड्रग सेफ्टी, क्रोनिक डिजिज़ेस स्टडी और फार्माकोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण कार्य संचालित होंगे।दिलाने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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