अहमदाबाद: गुजरात के कांग्रेस प्रभारी गुरुदास कामत को बुधवार को पद से हटा दिया गया. उनकी जगह राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को प्रभार दिया गया है. गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन गुरुदास कामत पार्टी में गुटबाजी पर लगाम लगाने में असफल रहे. इसी वजह से उन्हें पद से हटा दिया गया.
पिछले कुछ दिनों से गुजरात में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. कुछ दिन पहले गुरुदास कामत गुजरात आए थे, तब वह अंबाजी मंदिर के दर्शन के लिए गए थे. उस समय शंकरसिंह वाघेला के समर्थक कई विधायकों ने उनसे मुलाकात की थी और वाघेला को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की थी.
वाघेला हालांकि इस मुद्दे पर चुप ही रहे और सार्वजनिक रूप से यही कहा कि कुछ एमएलए उनसे मिलने आए थे, पार्टी के सीनियर लोग भी थे और उनसे इस बारे में सार्थक बातचीत हुई बीजेपी की चुनौती का किस तरह से सामना किया जाए. उनके मुताबिक इसमें न तो गुटबाज़ी जैसी कोई थी और न ही कोई नकारात्मक बात थी.
महत्वपूर्ण ये भी है कि उस वक्त राज्य कांग्रेस प्रमुख भरतसिंह सोलंकी विदेश गए हुए थे. आते ही उन्हें भी इस गुटबाज़ी की जानकारी मिली थी और राहुल गांधी को फरियाद भी की गई थी. आरोप ये भी लगे थे कि कामत अलग से लोगों से मिलकर गुटबाजी को उकसा रहे हैं. भरतसिंह ने मुख्यमंत्री पद पर तो कुछ नहीं कहा था, लेकिन कहा कि नेतृत्व का फैसला सोनिया गांधी और राहुल गांधी करेंगे. ये चर्चा आम हो रही है कि कांग्रेस एक तरफ गुजरात में भाजपा का कड़ा मुकाबला करने का दावा कर रही है, लेकिन चुनावों से पहले ही गुटबाज़ी से वह काफी परेशान है.
पिछले कुछ दिनों से गुजरात में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. कुछ दिन पहले गुरुदास कामत गुजरात आए थे, तब वह अंबाजी मंदिर के दर्शन के लिए गए थे. उस समय शंकरसिंह वाघेला के समर्थक कई विधायकों ने उनसे मुलाकात की थी और वाघेला को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की थी.
वाघेला हालांकि इस मुद्दे पर चुप ही रहे और सार्वजनिक रूप से यही कहा कि कुछ एमएलए उनसे मिलने आए थे, पार्टी के सीनियर लोग भी थे और उनसे इस बारे में सार्थक बातचीत हुई बीजेपी की चुनौती का किस तरह से सामना किया जाए. उनके मुताबिक इसमें न तो गुटबाज़ी जैसी कोई थी और न ही कोई नकारात्मक बात थी.
महत्वपूर्ण ये भी है कि उस वक्त राज्य कांग्रेस प्रमुख भरतसिंह सोलंकी विदेश गए हुए थे. आते ही उन्हें भी इस गुटबाज़ी की जानकारी मिली थी और राहुल गांधी को फरियाद भी की गई थी. आरोप ये भी लगे थे कि कामत अलग से लोगों से मिलकर गुटबाजी को उकसा रहे हैं. भरतसिंह ने मुख्यमंत्री पद पर तो कुछ नहीं कहा था, लेकिन कहा कि नेतृत्व का फैसला सोनिया गांधी और राहुल गांधी करेंगे. ये चर्चा आम हो रही है कि कांग्रेस एक तरफ गुजरात में भाजपा का कड़ा मुकाबला करने का दावा कर रही है, लेकिन चुनावों से पहले ही गुटबाज़ी से वह काफी परेशान है.

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