सेना में अर्दली व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले वायरल वीडियो में कथित रूप से दिखने वाला जवान रॉय मैथ्यू की मौत हो गई है। उसका शव कल नासिक की देओलाली छावनी में एक खाली बैरक की छत से लटकता मिला। उसके शव के पास से एक डायरी मिली है।
केरल के कोलम जिले के एझुकोन का रहने वाला मैथ्यू 25 फरवरी से लापता था। पुलिस ने कहा है कि उसके शव को देखकर लगता है कि उसकी मौत तीन दिन पहले हुयी है।
एक अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार, उसने डायरी में लिखा है कि कोर्ट मार्शल से बेहतर मौत है। उसने अपने परिजनों और सेना के अधिकारी को सॉरी भी लिखा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और शव सेना को सौंप दिया है।
अपराध बोध हो सकती है 'खुदकुशी' की वजह- सेना
सेना सैनिक की आत्महत्या को लेकर उस समाचार पोर्टल की भूमिका पर सवाल उठाती प्रतीत हुई, जिसके कारण मैथ्यू का वीडियो वायरल हुआ था। सेना ने कहा कि उसने वह वीडियो सामने आने के बाद मैथ्यू से कभी पूछताछ नहीं की, जिसमें सैनिकों को सहायक के तौर पर काम करते, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के कुत्तों को टहलाते या उनके बच्चों को स्कूल ले जाते दिखाया गया था। संयोग से समाचार वेबसाइट ने स्टिंग वीडियो हटा लिया है।
अपराध बोध हो सकती है 'खुदकुशी' की वजह- सेना
सेना सैनिक की आत्महत्या को लेकर उस समाचार पोर्टल की भूमिका पर सवाल उठाती प्रतीत हुई, जिसके कारण मैथ्यू का वीडियो वायरल हुआ था। सेना ने कहा कि उसने वह वीडियो सामने आने के बाद मैथ्यू से कभी पूछताछ नहीं की, जिसमें सैनिकों को सहायक के तौर पर काम करते, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के कुत्तों को टहलाते या उनके बच्चों को स्कूल ले जाते दिखाया गया था। संयोग से समाचार वेबसाइट ने स्टिंग वीडियो हटा लिया है।
सेना ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी है कि आत्महत्या श्रृंखलाबद्ध घटनाओं का परिणाम हो सकती है जो मीडियाकर्मी द्वारा उक्त जवान का किसी तरह से वीडियो बनाने के बाद हुई थीं, जिसमें उसकी एक सहायक के तौर पर ड्यूटी के बारे में सवाल किये गए थे तथा उसे जानकारी नहीं हुई।
सेना ने कहा, इसकी बहुत संभावना है कि अपने वरिष्ठों को नीचा दिखाने का अपराध बोध या किसी अज्ञात व्यक्ति को गलत धारणा प्रेषित करने के चलते उसने ऐसा कदम उठाया।
पुलिस ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत दुर्घटनावश मत्यु का एक मामला दर्ज कर लिया है।
मैथ्यू ने आखिरी बार 25 फरवरी को घर किया था फोन
केरल स्थित मैथ्यू के परिवार के अनुसार, मैथ्यू ने उन्हें 25 फरवरी को आखिरी बार फोन किया था और जिस तरह से वह बात कर रहा था उससे लग रहा था कि वह डरा हुआ था।
सूत्रों ने कहा कि कर्नल स्तर के एक अधिकारी के साथ सहायक डयूटी में तैनात मैथ्यू का आखिरी एसएमएस अधिकारी को था, जिसमें उसने सॉरी लिखा था।
सेना ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उक्त वीडियो में सैनिक की पहचान छुपी हुई थी और इसलिए उसे इसके बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए ऐसी किसी जांच का सवाल ही नहीं जिसका आदेश दिया गया हो।
सेना में यह भी एक विचार है कि समाचार पोर्टल के खिलाफ विधिक विकल्प तलाशे जाने चाहिए।
मौत की जांच का आदेश
सैन्य अधिकारियों ने उसकी मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दे दिया है। सेना इस मामले में मृतक के परिवार और नागरिक प्रशासन को हर तरह की सहायता की पेशकश कर रही है।
सैन्य अधिकारियों ने उसकी मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दे दिया है। सेना इस मामले में मृतक के परिवार और नागरिक प्रशासन को हर तरह की सहायता की पेशकश कर रही है।
सेना ने कहा कि मैथ्यू 25 फरवरी को लापता हो गया था और उसे छुट्टी के बिना अनुपस्थित घोषित कर दिया गया था। स्टिंग ऑपरेशन से ब्रिटिश काल की सहायक व्यवस्था की आलोचना हुई थी। सेना ने इस बात की जांच के आदेश दिए थे कि यह स्टिंग कैसे हुआ। रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि सेना के जवान की रहस्मय मौत की पूरी जांच की जाएगी
मैथ्यू ने परिजन को बतायी थी ये बात
मैथ्यू के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि मैथ्यू ने उन्हें बताया था कि उसने हाल में एक मीडियाकर्मी से सेना में सैनिकों की दिक्कतों के बारे में बात की थी। मैथ्यू ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने यह बातें यह सुनिश्चित करने के बाद कही थीं कि इसे रिकार्ड नहीं किया जा रहा है। यद्यपि बाद में वह तब यह जानकर हैरान हो गया कि साक्षात्कार गुप्त तरीके से रिकार्ड किया जा रहा था क्योंकि बाद में वीडियो वायरल हो गया था।
मैथ्यू के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि मैथ्यू ने उन्हें बताया था कि उसने हाल में एक मीडियाकर्मी से सेना में सैनिकों की दिक्कतों के बारे में बात की थी। मैथ्यू ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने यह बातें यह सुनिश्चित करने के बाद कही थीं कि इसे रिकार्ड नहीं किया जा रहा है। यद्यपि बाद में वह तब यह जानकर हैरान हो गया कि साक्षात्कार गुप्त तरीके से रिकार्ड किया जा रहा था क्योंकि बाद में वीडियो वायरल हो गया था।
मैथ्यू ने अपने रिश्तेदारों को बताया कि उसे भय है कि उसकी नौकरी चली जाएगी और उसे इसके परिणाम का सामना करना होगा।देओलाली शिविर पुलिस ने सूबेदार गोपाल सिंह की शिकायत पर दुर्घटना में मत्यु का मामला दर्ज कर लिया है। यद्यपि मौत के कारण का अभी पता नहीं चला है।

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