मद्रास उच्च न्यायालय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम व उनके परिवारिक सदस्यों के खिलाफ आयकर विभाग के पिछले साल जारी कर की मांग के एक नोटिस पर विभाग की आगे की कानूनी कार्रवाई पर बुधवार को रोक लगा दी। चिदंबरम परिवार को उनके काफी के एक बागान से वित्त वर्ष 2008-09 में हुई आय को लेकर आयकर विभाग ने यह डिमांड नोटिस जारी किया था और उसके संबंध में उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।
चिदंबरम, उनकी पत्नी नलिनी व पुत्र कार्ति ने आयकर विभाग के 31 मार्च 2016 के डिमांड नोटिस तथा उसके बाद 30 दिसंबर को जारी आकलन आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाएं दायर की थी। इस पर न्यायाधीश राजीव शकधर ने अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने याचिकाकतार्ओं के खिलाफ डिमांड नोटिस को लेकर सारी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी है। मामले में आगे सुनवाई 16 मार्च को होगी।
यह मामला कनार्टक में कुर्ग में एक बागान के काफी व काली मिर्च से होने वाली आय को कृषि आय के तहत आयकर कानून से छूट दिलाने को लेकर है। आयकर विभाग ने 2008-09 के लिए आय के पुनआर्कलन के बाद याचिककतार्ओं को लगभग छह लाख रपये के लिए डिमांड नोटिस जारी किया था।
चिदंबरम और अन्य के वकील ने आयकर विभाग की पुन: आकलन किए जाने की कार्रवाई को गैरकानूनी और मनमानी बताया। उसने अदालत में कहा कि यह सारी कार्रवाई उनके मुवक्किल व परिजनों को बदनाम करने के लिए की जा रही
चिदंबरम और अन्य के वकील ने आयकर विभाग की पुन: आकलन किए जाने की कार्रवाई को गैरकानूनी और मनमानी बताया। उसने अदालत में कहा कि यह सारी कार्रवाई उनके मुवक्किल व परिजनों को बदनाम करने के लिए की जा रही


No comments:
Post a Comment