ठंड के कारण शरीर कांपना कोई समस्या नहीं है, इसके कारण अक्सर आपने लोगों के शरीर को कांपते हुए देखा होगा। लेकिन ठंड के बिना भी अक्सर आप ऐसे लोगों से मिलते हैं जिनके कुछ अंगों में अनायास ही कंपन होता है। कांपने का अगर सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह वास्तव में इतना गंभीर बन सकता है।
शरीर का कांपना- ठंड के कारण शरीर कांपना कोई समस्या नहीं है, इसके कारण अक्सर आपने लोगों के शरीर को कांपते हुए देखा होगा। लेकिन ठंड के बिना भी अक्सर आप ऐसे लोगों से मिलते हैं जिनके कुछ अंगों में अनायास ही कंपन होता है। कांपना बिना इच्छा के होना वाला वह लयबद्ध मूवमेंट है जो किसी भी विशिष्ट अंग जैसे हाथ, पैर, सिर या गले में हो सकता है। कांपने का अगर सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह वास्तव में इतना गंभीर बन सकता है कि इससे आप अपने दैनिक कार्यों को करने में भी असमर्थ हो सकते हैं।
शरीर कांपने के कारण- शरीर के कांपने को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। रेस्ट कंपन और दूसरा एक्शन कंपन। रेस्ट कंपन की समस्या आराम के दौरान होती है। रेस्ट कंपन आमतौर पर बहुत ज्यादा मानसिक तनाव और पार्किंसंस रोग के साथ जुड़ा होता है। ऐसे में डर या भय के कारण शरीर का कांपने सामान्य है। दूसरा प्रकार यानी एक्शन कंपन में कुछ स्वास्थ्य समस्यायें जैसे ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक आदि शरीर में कंपन का कारण बनता है। इसके अलावा नींद से जुड़ी समस्याओं के चलते भी शरीर कांपने लगता है। अगर आप भी शरीर के कांपने का सही कारण जानना चाहते हैं तो यहां कांपने के कारण दिये गये है।
शराब छोड़ना- अगर आप ऐसे लोगों में एक है जो शराब छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो शराब छोड़ने की कोशिश भी आपके शरीर में कंपन का कारण हो सकती है। लेकिन गंभीर और बेकाबू कंपन महसूस होने पर आप अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
नींद संबंधी विकार- नींद से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के कराण भी रात को सोते समय शरीर कांपने लगता हैं। वायु मार्ग के आंशिक रूप से बंद होने के कारण शरीर में कंपन होता है जबकि नींद सामान्य श्वास पैटर्न को फिर से स्थापित करने की कोशिश करता है।
मल्टीपल स्क्लेरोसिस- मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में तंत्रिका कोशिकाओं के इन्सुलेटिंग कवर खराब होने के कारण मल्टीपल स्क्लेरोसिस होता है। यह आमतौर पर सूजन की बीमारी है, जो नसों के संचार की क्षमता को प्रभावित करती है। इस बीमारी से कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्या होने लगती है। जिससे शरीर भी कांपने लगता है।
स्ट्रोक- इस्कीमिया या रक्तस्राव के कारण मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति ठीक प्रकार से न होने के कारण स्ट्रोक की समस्या होती है। इसमें मस्तिष्क के प्रभावी हिस्से के कारण लक्षण और गंभीरता भी अलग-अलग होती है। स्ट्रोक शरीर में कांपने के प्रमुख कारणों में से एक है जो सेरिबैलम में घाव या नुकसान के कारण होता है।
ट्रामेटिक ब्रेन इंजरी (टीबीआई)- ट्रामेटिक ब्रेन इंजरी मस्तिष्क की दर्दनाक चोट को दर्शाता है। इसमें मस्तिष्क में बाहरी से ज्यादा चोट लगने से अंदर की नसें दब जाती है या उनमें कई प्रकार की विकृति आ जाती है। यह एक गंभीर बीमारी होती है। ट्रामेटिक ब्रेन इंजरी दुनिया भर में होने वाली मौतों या विकलांगता के लिए जिम्मेदार कारकों में से एक है। टीबीआई से जुड़े प्रमुख लक्षणों में कांपना भी शामिल है।
पार्किंसंस रोग- पार्किंसंस रोग केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का विकार है। इसके लक्षणों में शरीर के अंगों में बेकाबू रूप से कंपन विशेष रूप से हाथों में, शामिल है। ऐसा मस्तिष्क का शरीर की गतिविधियों का सही प्रबंधन न करने के कारण होता है। कंपना पार्किंसंस रोग के कार्डिनल लक्षणों में से एक है। जो रोग के निदान में आपकी मदद कर सकता है।
No comments:
Post a Comment