Thursday, 5 January 2017

मोदी ने शराबबंदी पर की नीतीश कुमार की तारीफ

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में शराबबंदी का अभियान चलाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आज जमकर तारीफ की और सभी से इस कदम को पूरी तरह सफल बनाने की अपील की. कुछ सप्ताह पहले ही नोटबंदी का समर्थन करने पर भी मोदी ने नीतीश की सराहना की थी.प्रधानमंत्री मोदी ने आज यहां दसवें सिख गुरू गोविंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व के समापन समारोह में भाग लिया जिसमें उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच साझा किया.मोदी ने कहा, ‘‘मैं शराब के खिलाफ अभियान छेड़ने के लिए नीतीश कुमार को तहेदिल से बधाई देता हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस काम में केवल नीतीश कुमार या एक दल के प्रयासों से ही सफलता नहीं मिलेगी. सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को इसे ‘जन-जन का आंदोलन’ बनाने के लिए इसमें भाग लेना होगा.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार सफल शराबबंदी लागू करके पूरे देश के सामने मिसाल बनेगा.बिहार के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से पूरे देश में शराबबंदी का आग्रह किया था जिसके जवाब में मोदी ने यह बात कही. नीतीश कुमार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी.नीतीश ने अपने भाषण में कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने सफलतापूर्वक शराबबंदी लागू की थी जो शुरूआत से ही प्रभाव में है.मोदी और नीतीश यूं तो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, लेकिन कुछ दिन पहले नोटबंदी के मुद्दे पर एकजुट विपक्ष के विरोध के चलते संसद के शीतकालीन सत्र के एक तरह से बेकार चले जाने के बाद केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री की तारीफ की थी.मोदी को 2014 में बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किये जाने को लेकर जदयू ने राजग से समर्थन वापस ले लिया था. दोनों ही नेताओं ने 2015 में बिहार के विधानसभा चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ पुरजोर प्रचार किया था. जदयू ने राजद के साथ मिलकर बीजेपी को इस चुनाव में बड़ी शिकस्त दी. हालांकि दूसरे विपक्षी दलों से अलग हटकर जदयू ने नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया.समारोह में आज मंच पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.मंच पर पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और पटना साहिब से सांसद और बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा की मौजूदगी भी रही. सवें सिख गुरू गोविंद सिंह के सम्मान में सिर झुकाते हुए प्रधानमंत्री ने ‘पंच प्यारा पंथ’ बनाकर देश की एकता के प्रयासों के लिए दशम गुरू की प्रशंसा की.दशम गुरू के 350वें प्रकाश पर्व के लिए अच्छे बंदोबस्त करने में निजी रचि लेने के लिए नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार समारोह के आयोजन में बिहार सरकार की मदद करने के साथ ही विभिन्न देशों में अपने दूतावासों के माध्यम से इस ऐतिहासिक उत्सव को मना रही है. मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने विदेशों में 350वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए सौ करोड़ रपये आवंटित किये हैं.उन्होंने बिहार में समारोह के सफलतापूर्वक आयोजन में केंद्र के योगदान को भी रेखांकित किया और कहा कि रेल मंत्रालय और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी बिहार में प्रकाश पर्व के लिए 40-40 करोड़ रपये खर्च किये हैं. प्रधानमंत्री ने गांधी मैदान में बनाये गये टैंट सिटी में चल रहे एक लंगर में प्रसाद भी लिया और फिर दिल्ली वापसी के लिए पटना हवाईअड्डे को रवाना हो गये. समारोह में प्रधानमंत्री ने, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने, केंद्रीय मंत्रियों रामविलास पासवान और रविशंकर प्रसाद ने पगड़ी पहनाई. समारोह में देश विदेशी से लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया.प्रकाश पर्व के वृहद आयोजन के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री और अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल ने भी नीतीश कुमार की प्रशंसा की. बादल ने कहा, ‘‘मेरे 70 साल के सार्वजनिक जीवन में मैंने कई समागम देखे हैं. लेकिन जिस तरह से नीतीश कुमार ने समारोह के आयोजन में व्यक्तिगत रुचि ली है, वो एक मिसाल है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इससे बेहतर तरीके से समारोह का आयोजन नहीं कर पाता.’’ बादल ने सिखों से विशेष लगाव के लिए प्रधानमंत्री की भी तारीफ की और समुदाय द्वारा आयोजित सभी समारोहों में भाग लेने पर उनका शुक्रिया अदा किया.नीतीश ने कहा कि 350वें प्रकाश पर्व के अलावा बिहार सरकार चंपारण सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष भी मनाएगी. महात्मा गांधी ने 1917 में ब्रिटिश काल के खिलाफ सत्याग्रह छेड़ा था.शराबबंदी का जिक्र करते हुए नीतीश ने कहा कि यह गुरू गोविंद सिंह और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि है जिन्होंने अंग्रेजों द्वारा जबरन नील की खेती कराये जाने के खिलाफ बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में चंपारण सत्याग्रह के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन चलाया था. बीते 25 दिसंबर को शुरू हुए 350वें प्रकाश पर्व का आज समापन हो गया.

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