Tuesday, 27 December 2016

मायावती का पलटवार: तिलमिलाई बीजेपी अब बसपा की छवि खराब करने पर उतरी

बसपा के एकाउंट में करोड़ों की राशि मिलने और मायावती के भाई को इनकम टैक्स का नोटिस दिए जाने के मामले पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने जवाब दिया है कि उनके पास एक-एक पैसे का हिसाब है. उन्होंने बीजेपी और प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि जो उन्होंने यूपी में सपा और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर बीजेपी की साजिश का पर्दाफाश किया, उसी से तिलमिलाकर ऐसी बसपा की छवि खराब करने वाली खबरें उछाली जा रही हैं.
नोटबंदी जैसे एक दो फैसले और ले लें, आराम से बन जाएगी बसपा सरकार- मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में मायावती ने कहा कि उन्होंने सोमवार को जो भाजपा के षड्यंत्र का पर्दाफाश किया, उससे बीजेपी के लोग हिल गए हैं. यही कारण है कि इन्होंने कल ही हमारी पार्टी और मेरे परिवार के बारे में घिनौनी हरकत की, लेकिन इसका फायदा हमें मिलेगा. उन्होंने कहा कि मुझे बीजेपी से कोई तकलीफ नही है, इनके इस तरह के काम से हमारी सरकार बनने जा रही है. वहीं पीएम मोदी नोटबंदी की तरह ही ऐसे ही एक दो फैसले ले लें तो हमारी पार्टी को सत्ता में आने में आसानी हो जाएगी.
सबसे पहले बसपा ने किया नोटबंदी का पर्दाफाश, इसलिए लग गए पीछे- मायावती ने कहा कि इन्होंने बिना पूरी तैयारी के जल्दबाजी के कालाधन और करप्शन पर अंकुश लगाने की आड़ में नोटबंदी का फैसला लिया. कोई भी विरोधी पार्टी इस पर अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं थी. सबसे पहले अकेली बसपा थी, जिसने 10 नवंबर को इनका पर्दाफाश किया था. उसके बाद अन्य विरोधी पार्टियां साथ आईें. पार्लियामेंट के अंदर भी बाहर भी बहुजन समाज पार्टी ने विरोध किया. इस नोटबंदी के कारण 100 से ज्यादा लोग मर चुके हैं. ये दयावान बनते हैं, मंदिरों में जाकर मंतर-वंतर बहुत मारते हैं लेकिन जब हमने इन लोगों का आर्थिक मदद देने की मांग की तो उस मांग को इन्होंने खारिज कर दिया. अब ये सोचते हैं कि असली जड़ बसपा है, मायावती है, इसलिए ये मुझे, मेरे परिवार को इतना परेशान करने की कोशिश में हैं ताकि ये आगे मुंह न खोलें.
मैं खुद वकील हूं, बसपा में कानून का पालन किया जाता है- मैं कहना चाहती हूं कि बसपा ऐसे ही पार्टी को नहीं चलाती है. मैं खुद भी वकील हूं, इसलिए मुझे कानून पूरा पता है. हम इनकम टैक्स के पूरे कानून का पालन करते हैं. ये लोग बहुत कुछ बोल रहे हैं, सफाई दे रहे हैं लेकिन जनता इनको मानने को तैयार नहीं है.
नोटबंदी पर जबरदस्ती ताली बजवाते हैं प्रधानमंत्री- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नोटबंदी पर किसी ने स्वागत नहीं किया. जब नरेंद्र मोदी रैली करते हैं और जनता से पूछते हैं कि नोटबंदी करके उन्होंने अच्छा किया, तो जनता का मुंह उतर जाता है. इनकी रैली में इनके कार्यकर्ता जबरदस्ती ताली भले बजवा लेते हों लेकिन जनता इसका विरोध ही कर रही है.
मैंने खुद कहा था थोड़ा इंतजार कर लो, अचानक नोटबंदी का निर्णय आ गया
मायावती ने कहा कि सोमवार को बीजेपी द्वारा मैनेज किए गए कुछ चैनलों व कुछ अखबारों द्वारा जो खबरें चलाई गईं, जिसमें बसपा द्वारा बैंक में जमा कराए गए धन के बारे में बात कही गई, उस पर उनका कहना है कि बसपा ने अपने नियमों के मुताबिक ही चलकर अपनी एकत्रित हुई धनराशि को जमा कराया. यह हमारी एक रूटीन प्र​क्रिया ही थी, हमेशा की तरह पैसा बैंक में जमा कराया गया. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी के कई कार्यकर्ता दूर दराज के इलाकों से हवाईजहाज या अन्य किसी साधन से आते हैं, इसलिए वे अपने साथ बड़े नोट लाते हैं.31 अगस्त के बाद से वह खुद राजधानी लखनऊ में रह रही थीं. अगस्त से लेकर बीच नवंबर तक वह यहां थीं. इस दौरान जो भी मेंबरशिप आदि का पैसा आया, वह पार्टी में जमा किया गया था. मायावती ने कहा कि उन्होंने खुद अपने कैशियर से कहा था कि थोड़ा इंतजार कर लो, फिर पैसा जमा करा देना. इस दौरान नोटबंदी का निर्णय आ गया. उन्होंने कहा कि जो भी पैसा है, वह पार्टी का पैसा है और हमारे यहां जमा किया गया, क्या हम उस पैसे को फेंक देते. हमने पूरी ईमानदारी से इस पैसे को बैंक में जमा कराया. हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है.
बीजेपी सहित अन्य पार्टियों ने जो पैसा जमा कराया, उसकी चर्चा नहीं
मायावती ने आरोप लगाया कि इस मामले को कुछ चैनल और मीडिया बीजेपी के इशारे पर तोड़मरोड़कर पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी सहित अन्य पार्टियों ने भी नोटबंदी के बाद अपना पैसा जमा कराया है, लेकिन उसकी चर्चा नहीं हो रही है. यह उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी और पीएम मोदी में अगर जरा भी सच्चाई है तो इनको बसपा की तरह अपनी पार्टी का 8 नवंबर से पहले दस महीने का और उसके बाद भी जमा कराए गए धन को उजागर करना चाहिए. साथ ही बीजेपी ने जहां-जहां धन खर्च किया है, उसे भी उजागर करना चाहिए.
छोटे भाई ने नियमों के तहत धन जमा कराया- मायावती ने कहा कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार की कई कंपनियां हैं, उन्होंने आयकर विभाग के नियमों के तहत ही बैंक में धन जमा कराया है. उन्होंने कहा कि मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिली है कि बसपा में प्रभावशाली लोगों को शिथिल करने के लिए बीजेपी और केंद्र सरकार अपनी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर उन्हें परेशान कर सकते हैं, कई जगह कर भी रहे हैं.
अमित शाह चिल्ला-चिल्लाकर बोलता था ताज प्रकरण, ताज प्रकरण
ताज कॉरिडोर मसले पर मायावती ने कहा कि जब भी लोकसभा चुनाव या यूपी में विधानसभा चुनाव होता है, तब बीजेपी के लोग ताज प्रकरण को उछालने की कोशिश करने लगते हैं. कुछ दिन पहले बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चिल्ला-चिल्लाकर बोलता था ताज प्रकरण, ताज प्रकरण. मैं बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा को कहना चाहूंगी कि वह अमित शाह को ताज प्रकरण के बारे में पूरी जानकारी दे, क्योंकि शायद वह अब तक सो रहे थे.
ताज मामले में जो घपला हुआ होगा, वह भाजपा का माना जाएगा-मायावती ने कहा कि ताज कॉरिडोर का पूरा प्रोजैक्ट 175 करोड़ का था, जिसमें से सिर्फ 17 करोड़ बसपा सरकार के दौरान किया गया. उसमें भी पूरा पैसा केंद्र से जारी हुआ. उस समय केंद्र में भाजपा की सरकार थी, इसलिए अगर ताज कॉरिडोर मामले में अगर कोई घपला किया गया, तो वह भाजपा की केंद्र सरकार का माना जाएगा.
2007 में भी बीजेपी ने मेरे और परिजनों के खिलाफ घिनौनी हरकतें की थीं
मायावती ने कहा कि 2007 की तरह ही यूपी में बसपा की सरकार बनने जा रही है, उस समय भी बीजेपी ने इन्होंने मेरे और मेरे परिजनों के खिलाफ घिनौनी हरकतें की थीं. उस समय मुझे तोहफा मिला था और बसपा सरकार बनी थी, इस बार भी 2007 की तरह यूपी की जनता पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली है.

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