धनशोधन मामले में गिरफ्तार किए गए महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने कहा कि अस्पताल में उनके लंबे समय तक रहने को लेकर सवाल पर एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा दाखिल की गई याचिका का मकसद उनके स्वास्थ्य के मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाना और उनकी छवि को धूमिल करना है।
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने यह दलील देते हुए पिछले महीने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) मामलों के लिए विशेष अदालत का रुख किया था कि सरकार संचालित जे जे अस्पताल और आर्थर रोड जेल अधिकारियों के कर्तव्य में लापरवाही के कारण भुजबल दो नवंबर से निजी बॉम्बे अस्पताल में रह रहे थे। उन्होंने कहा था कि राकांपा नेता अदालती आदेश का दुरुपयोग कर रहे हैं।
भुजबल ने आज दाखिल अपने जवाब में दमानिया के (अदालत जाने के रुख के) अधिकार पर सवाल किया और कहा कि उनकी याचिका का मकसद मुख्य मुद्दे को उलझाना और उनकी छवि को धूमिल करने पर केंद्रित है। उन्होंने उनकी याचिका को खारिज करने की मांग की।
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