Friday, 18 November 2016

गुजरात का यह गांव है कैश फ्री, नोटबंदी का नहीं पड़ा कोई असर…

अकोदरा में 24 घंटे वाईफाई की सुविधा उपलब्ध है और इसे देश का पहला डिजिटिल विलेज कहा जा रहा है। इस गांव को डिजिटल बनाने में एक प्राइवेट बैंक की बड़ी भूमिका है।
साबरकांठा। गुजरात के साबरकांठा जिले में एक छोटा सा गांव है, जिसका नाम है आकोदरा। इस गांव की खासियत यह है कि यह देश का सबसे पहला डिजिटल विलेज है। जहां देशभर के शहरों, कस्बों और गांवों में नोटबंदी के बाद बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। वहीं इस गांव में जैसे नोटबंदी से कोई फर्क नहीं पड़ा है। इस गांव में लोग 10 रुपये का सामान भी खरीदने जाते हैं तो फोन पर एक साधारण टेक्स्ट मैसेज से भुगतान कर देते हैं। एक प्रमुख अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के अनुसार इस मैसेज में भुगतान पाने वाले का अकाउंट नंबर और जितना पैसा ट्रांस्फर किया जाना है उसके बारे में जानकारी रहती है। यह मैसेज किसी और को नहीं बल्कि खरीदार सीधे अपने बैंक को भेजता है और फिर आगे का काम बैंक कर देता है।बता दें कि साबरकांठा जिले का यह गांव अहमदाबाद से सिर्फ 90 किमी की दूरी पर है। अकोदरा में 24 घंटे वाईफाई की सुविधा उपलब्ध है और इसे देश का पहला डिजिटिल विलेज कहा जा रहा है। इस गांव को डिजिटल बनाने में एक प्राइवेट बैंक की बड़ी भूमिका है। बैंक ने करीब एक साल पहले इस गांव में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था।

स्थानीय निवासी पीयूष पटेल कहते हैं, ‘अगर मुझे कुछ भी खरीदना होता है, भले ही वह 10 रुपये का सामान क्यों न हो। मुझे अपने बैंक को अपने किराना दुकानदार के अकाउंट नंबर के साथ जानकारी भेजनी होती है। इसके बाद पैसा मेरे अकाउंट से कटकर किराना दुकानदार के अकाउंट में जमा हो जाता है।’पीयूष पटेल खुद एक डेरी चलाते हैं और उनका कहना है कि उनके ग्राहक भी उन्हें इसी तरह से भुगतान करते हैं। किराना व्यापारी का कहना है कि नोटबंदी से उन्हें किसी तरह की कोई चिंता नहीं है। पंकिल पटेल मुस्कुराते हुए ....... आगे पढ़े 

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