इस्लामाबाद.पाकिस्तान की सीनेट की एक पैनल ने कहा है कि अगर भारत को घेरना है तो नरेंद्र मोदी और आरएसएस की हिंदुत्ववादी विचारधारा को टारगेट करना जरूरी है। भारत बलूचिस्तान में लगातार ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन का मुद्दा उठा रहा है। इंडिपेंडेंस डे पर मोदी ने पहली बार लाल किले से बलूचिस्तान का जिक्र किया था। पाक के अपर हाउस (सीनेट) की एक कमेटी ने ‘पॉलिसी गाइडलाइंस इन व्यू ऑफ द लेटेस्ट सिचुएशन डेवलपिंग बिटवीन इंडिया एंड पाकिस्तान’ नाम से पहली रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट में…
– पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, सीनेट पैनल की रिपोर्ट में 22 गाइडलाइंस बताई गई हैं।
– इस रिपोर्ट को पैनल के चेयरमैन जफारुल हक ने पेश किया।
– इसके मुताबिक, ‘भारत की असल दिक्कत वहां मुस्लिमों, सिखों, ईसाई और दलितों का मुख्यधारा से दूर होना है। वहां माओवादियों की एक्टिविटीज भी तेज हुई है। इसको लेकर भारत को घेरा जा सकता है।’
– ‘ऐसा पीएम मोदी की आरएसएस समर्थक हिंदुत्ववादी विचारधारा के चलते हो रहा है। इसे खत्म ........
– इसके मुताबिक, ‘भारत की असल दिक्कत वहां मुस्लिमों, सिखों, ईसाई और दलितों का मुख्यधारा से दूर होना है। वहां माओवादियों की एक्टिविटीज भी तेज हुई है। इसको लेकर भारत को घेरा जा सकता है।’
– ‘ऐसा पीएम मोदी की आरएसएस समर्थक हिंदुत्ववादी विचारधारा के चलते हो रहा है। इसे खत्म ........

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