Monday, 31 October 2016

नूतन वर्ष अभिनंदन – अभिनंदन- अभिनंदन

उत्तम जैन( विद्रोही) का नमस्कार…जय जिनेन्द्र
जाने वाले को विदा और आने वाले का स्वागत करना यही हमारी भारतीय संस्कृति है. हर साल की तरह दीपावली के बाद अगले दिन हम नूतन वर्ष अपने साथ कडकडाती हुई ठण्ड और नए साल की आहट लेकर आता है. हम ठहरे उत्सवधर्मी. प्रत्येक क्षण, प्रत्येक दिन आनंद और उत्साह से बिताया जाये यही सिखाया है ! नया वर्ष, नयी दिशा, नयी सोच, नयी कामना, नयी आस, नयी भावना के साथ स्वागत कीजिये नए साल का आप सभी को नूतन वर्ष की विशेष शुभकामनाएं…….
नया साल मुबारक सबको
पूरी हो सबकी अभिलाषाये
जो रह गयी है आशाये अधूरी
वो नव वर्ष में पूरी हो जाये  
नये साल की शुभकामनाये ….!
बिछ्डों को अपने मिल जाये
टूटे दिल फिर से जुड जाये
आने वाला साल अपने संग
हर रात दीवाली सी लाये
नये साल की शुभकामनाये ….!
रहे हर देश में खुशहाली
हाथ रहे ना कोई खाली
धरा भी हो जाये हरियाली
ऐसी इक क्रान्ति ले आये
नये साल की शुभकामनाये ….!
इस वर्ष दीपावली कुछ विशेष रही प्रधान मंत्री श्री मोदी ने अपनी हर दीवाली सेना के जवानों के साथ मनाने की परंपरा स्थापित की है. इस साल उनका विशेष आग्रह था कि इस बार सभी भारतीय एक दिया देश के जवानों के नाम जलाएं. इसका व्यापक असर हुआ और सभी भारतीयों के अन्दर सेना के सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना जाग्रत हुई है. सोसल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी लोगों ने देश के जवानों के नाम ज्योति जगाई और उन्हें अंतरात्मा से याद किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार(३०.१०.१६) को रेडियो पर ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को दीवाली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह दीवाली सुरक्षा बलों को समर्पित हो. हर देशवासी के दिल में जवानों के प्रति प्यार और गौरव है जिस प्रकार से उसकी अभिव्यक्ति हुई है, ये हर देशवासी को ताकत देने वाली है. हमारे जवान किस-किस प्रकार से कष्ट झेलते हैं. हम जब दिवाली मना रहे हैं, कोई रेगिस्तान में खड़ा है, कोई हिमालय की चोटियों पर. पीएम ने कहा कि भारत के हर कोने में उत्साह और उमंग के साथ दीपावली का पर्व मनाया जाता है. वेद-काल से आज तक भारत में जो उत्सवों की परम्परा रही है, वे समयानुकूल परिवर्तन वाले उत्सव रहे हैं. भारत की उत्सव परम्परा, प्रकृति-प्रेम को बलवान बनाने वाली, बालक से लेकर के हर व्यक्ति को संस्कारित करने वाली रही हैं. मोदी जी ने कहा – दीवाली का दिया जलाकर गरीबी निरक्षरता और अन्धविश्वास के अन्धकार से मुक्ति का संकल्प लें !
प्रधानमंत्री ने मीडिया की भी सराहना की, जिसने इस दीपोत्सव को सेना के प्रति आभार व्यक्त करने के अवसर में पलट दिया. पीएम ने कहा कि Sandesh2Soldiers से देशवासियों ने जवानों को संदेश भेजे. एक संदेश में सामर्थ्य बढ़ जाता है और देश ने कर दिखाया. सेना के जवान सिर्फ सीमा पर नहीं, जिंदगी के हर मोड़ पर राष्ट्र भावना से प्रेरित हो करके काम करते रहते हैं.
अब नया साल के लिए विशेष – नई सफलता की रणनीति तय करने का जिससे की आप सभी मुश्किलों को दूर कर के सफलता को प्राप्त कर सकते हैं । इस साल के प्रथम दिन में ही हमे व आपको अपने नए साल के संकल्पों को लेना जरूरी है आपको अपने लक्ष्य पर अपना फोकस बनाये रखना पड़ेगा और पिछले साल की गलतियों को बारीकियों से तुलना करते हुए इस वर्ष अपने सोच में नहीं लाना है
अपने नया साल 2016 के लिए नई सफलता की रणनीति तय करने के लिए नए प्रस्ताव या संकल्प करना बहुत जरूरी हैं । लेकिन संकल्प लेने से पहले लोग खासकर दो गलतियाँ कर जाते हैं ।
1…लोग सोचते हैं उन्हें करना क्या चाहिए ! जबकि उनसे सोचना चाहिए की उनकी पसंद क्या है और क्या सच मैं उस कार्य को करना चाहिए ।
2 .दूसरी बड़ी गलती वह सोचते हैं क्या-क्या उन्हें नहीं करना चाहिए ! पर उन्हें सोचना चाहिए जो गलतिया पिछले साल की उन्हे फिर से नही करनी है
आपको अपने लक्ष्य को पाने के लिए अपने आप से अटल वायदा करना पड़ेगा, तभी आप हमेशा अपने संकल्पों को सफल बनाने के लिए प्रेरित रहेंगे पक्का कर लें कि चाहे रास्ते में जितनी बड़ी मुश्किल आए या छोटी-मोटी असफलता आए आपको रुकेंगे नहीं चाहे बार-बार आपको कोशिश करना पड़े नया साल के लिए नई सफलता की रणनीति तय करने के लिए सबसे अच्छा समय है क्योंकि इस शुरुवाती समय में हर जगह एक ख़ुशी भरा समारोह है और हर किसी के मन में प्रेरित विचार होते । यह एक ऐसा समय है जब हर कोई व्यक्ति एक दुसरे से मदद और समर्थन देने के लिए तैयार रहते हैं ।
लेखक–  उत्तम जैन ( विद्रोही)
प्रधान संपादक – विद्रोही आवाज़

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