कश्मीर में पिछले काफी समय से बंद पड़े स्कूल-कॉलेजों के विरोध में छात्राओं ने सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
श्रीनगर- कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा प्रायोजित बंद से ठप हुई अकादमिक गतिविधियों को बहाल कराने के लिए सोमवार को छात्राएं सड़क पर उतर आई। उन्होंने गली-बाजारों में जुलूस निकालने के बजाय सीधे मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के निवास का रुख किया और स्कूल खुलवाने का आग्रह करते हुए उन पर भी पक्षपात का आरोप लगा दिया।
हालांकि प्रदर्शनकारी छात्राओं की संख्या कोई ज्यादा नहीं थी। लेकिन जिस तरह से वह स्कूल खुलवाने के लिए सड़क पर आज नारेबाजी कर रही थी, वह अलगाववादियों के बंद के खिलाफ आम कश्मीरियों के अंदर पल रहे गुस्से का संकेत था।
प्रदर्शनकारियों में शामिल एक लड़की ने कहा एक तरफ सरकार कहती है कि अलगाववादी कश्मीर के दुश्मन हैं, हमारे दुश्मन हैं तो फिर सरकार क्यों नहीं हमारे स्कूल खुलवाती। हमारे स्कूल बंद हैं, कालेज बंद हैं। अगर सरकार हमारी हितैषी है तो उसे पढ़ाई शुरु करानी चाहिए।
छात्राओंं को अपने घर के बाहर नारेबाजी करते देख मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी बाहर निकलीं। उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और उन्हें यकीन दिलाया कि ‘जल्द ही शैक्षिक गतिविधियां बहाल होंगी। सबसे बड़ी बात स्कूटी भी मिलेगी, बस धीरज धरो,हालात सुधरने दो। जम्मू की बच्चियां हो या कश्मीर की, सब मेरी अपनी हैं।’ मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रही लड़कियां शांत हुई।

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