श्रीनगर। राजधानी शहर श्रीनगर के 7 थाना क्षेत्रों में शनिवार को प्रशासन को उस समय दोबारा कर्फ्यू लगाना पड़ा, जब हिंसक प्रदर्शनों में घायल एक 13 वर्षीय किशोर की मौत के बाद हिंसा भड़क उठी। हिंसक झड़पों में15 लोग जख्मी हो गए। मृतक बच्चे के जनाजे के दौरान भी सुरक्षाबलों को हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने वादी के कई इलाकों में मोबाइल सेवाओं को भी ठप कर दी गई है। इस बीच, शनिवार को अलगाववादियों के आह्वान पर लगातार 92वें दिन भी कश्मीर बंद के चलते सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा, वहीं इस दौरान हिंसाचक्र में मारे गए लोगों की संख्या भी 96 का आंकड़ा पार कर गई ! अलगाववादियों के आह्वान पर सभी दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे। कुछ इलाकों में ही सड़कों पर नाममात्र के निजी वाहन नजर आए। सरकारी कार्यालय खुले थे, लेकिन उनमें कर्मचारियों की नाममात्र उपस्थिति से कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि बीते शुक्रवार को अलगाववादियों ने यूएन चलो मार्च का आह्वान किया था। हालांकि प्रशासनिक पाबंदियों के चलते यह मार्च नाकाम रहा था, लेकिन इस दौरान श्रीनगर के ईदगाह इलाके में दोपहर बाद जुलूस निकाल रही भीड़ हिंसक हो उठी थी। उस पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को बल प्रयोग करना पडा जिसमें 13 वर्षीय जुनैद अहमद बट समेत कई लोग जख्मी हुए थे। जुनैद को उपचार के लिए शेरे कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान सौरा ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। जुनैद की मौत की खबर फैलते ही पूरे डाउन टाउन में तनाव फैल गया। ईदगाह, सईदपोरा, लाल बाजार, सौरा और अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में युवक उत्तेजक नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया ! स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों ने भी बल प्रयोग किया। राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए ही शनिवार को भी डाउन टाउन के 7 थाना क्षेत्रों नौहट्टा, खानयार, महाराजगंज, रैनावारी, सफाकदल, सौरा, करालखुड में कर्फ्यू लगाना पड़ा है। इसके अलावा बटमालू और मैसूमा पुलिस थाना क्षेत्रों के अंतर्गत ......
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