Wednesday, 12 October 2016

सूरत की 2000 महिलाओं के पास है शराब पीने का लायसेंस

सूरत (विद्रोही आवाज़) सूरत को कई लोग लजीज व्यंजन के नाम से जानते होंगे, कुछ वहां की साड़ियों के नाम से जानते होंगे, पर यह शहर अब शराब पीने वाली महिलाओं के नाम से भी जाना जाने लगा है।जहा गुजरात मे शराब बंदी है वहा   यहां 2000 महिलाओं के पास शराब पीने का लायसेंस है। 2014 में 5000 के पास लायसेंस था, अब 2016 में  यह संख्या 14000 तक हो गई है।आबकारी विभाग के अनुसार इस समय शहर में कुल 14395 लोगों के पास शराब पीने का लायसेंस है। इसमें 2000 महिलाएं शामिल हैँ। गुजरात में जितनी शराब पी जाती है, उसमें सूरत की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। ऐसा माना जाता है, क्योंकि दमन यहां से बहुत करीब है। सरकार लायसेंस स्वास्थ्य विभाग की सिफारिश के आधार पर देती है। इसमें महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वे स्वयं लायसेंस के लिए आवेदन करती हैं। नशाबंदी विभाग के पास हर महीने करीब 200 आवेदन प्राप्त होते हैँ। इसमें महिलाओं के आवेदन भी शामिल हैं।
कैसे करते हैं आवेदन
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला लायसेंस 40 की उम्र हो जाने के बाद दिया जाता है। इसमें पुरुष या महिला पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता। 40 की उम्र के बाद यदि डॉक्टर कहे कि मरीज को जो रोग है, उसके निदान के लिए शराब आवश्यक है, तो उस आधार पर शराब पीने का लायसेंस दिया जाता है।
लायसेंस के लिए क्या आवश्यक?
एक सामान्य व्यक्ति द्वारा शराब पीने का लायसेंस प्राप्त करने के लिए 5 साल का आईटी रिटर्न भरना आवश्यक होता है। इन पांच रिटर्न में पिछले वर्ष के रिटर्न में आय कम से कम 3 लाख रुपए होना आवश्यक है। आवेदन के साथ एमडी डॉक्टर की फाइल भी देनी होती है। जिसमें यह साफ लिखा होता है कि शराब इनके स्वास्थ्य के लिए किस तरह से आवश्यक है। इसके बाद आवेदक यदि किसान है, तो उसके पास 20 बीघा जमीन होना आवश्यक है। यदि जमीन न हो, तो राजस्व अधिकारी के पास से 3 लाख की आय का प्रमाण पत्र निकलवाना होता है। यही प्रक्रिया महिलाओं के मामले में भी अपनाई जाती है।
आवेदक को कितनी शराब मिलती है?  ........ 

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